श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 27: प्रद्युम्न-हरण तथा शम्बर-वध  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  5.27.8 
दारिते मत्स्यजठरे सा ददर्शातिशोभनम्।
कुमारं मन्मथतरोर्दग्धस्य प्रथमाङ्कुरम्॥ ८॥
 
 
अनुवाद
जैसे ही उस मछली का पेट चीर दिया गया तो उसके अन्दर एक अत्यन्त सुन्दर बालक दिखाई दिया, जो जले हुए कामवृक्ष का प्रथम अंकुर था।
 
As soon as the stomach of that fish was ripped open, a very beautiful child was seen inside it, who was the first sprout of the burnt Kama tree. 8.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)