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श्री विष्णु पुराण
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अंश 5: पंचम अंश
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अध्याय 27: प्रद्युम्न-हरण तथा शम्बर-वध
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श्लोक 31
श्लोक
5.27.31
ततो हर्षसमाविष्टौ रुक्मिणीकेशवौ तदा।
नगरी च समस्ता सा साधुसाध्वित्यभाषत॥ ३१॥
अनुवाद
यह सुनकर रुक्मिणी और कृष्ण अत्यंत प्रसन्न हुए और सारी द्वारकापुरी भी 'साधु-साधु' कहने लगी॥31॥
Hearing this, Rukmini and Krishna were extremely happy and the whole of Dwarkapuri also started saying 'Sadhu-Sadhu'. 31॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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