श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 27: प्रद्युम्न-हरण तथा शम्बर-वध  »  श्लोक 30
 
 
श्लोक  5.27.30 
कामोऽवतीर्ण: पुत्रस्ते तस्येयं दयिता रति:।
विशङ्का नात्र कर्तव्या स्नुषेयं तव शोभने॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
कामदेव ने स्वयं आपके पुत्र के रूप में जन्म लिया है और यह सुन्दरी उनकी प्रियतमा रति है। हे सुन्दरी! यह आपकी पुत्रवधू है, इसमें आप तनिक भी संदेह न करें।
 
Kaamdev himself has taken birth as your son and this beautiful lady is his beloved Rati. O beautiful one! She is your daughter-in-law, do not have any doubt about this.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)