श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 27: प्रद्युम्न-हरण तथा शम्बर-वध  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  5.27.3 
श्रीपराशर उवाच
षष्ठेऽह्नि जातमात्रं तु प्रद्युम्नं सूतिकागृहात्।
ममैष हन्तेति मुने हृतवान‍्कालशम्बर:॥ ३॥
 
 
अनुवाद
श्री पराशर बोले - हे ऋषिवर! मृत्यु के समान भयंकर शम्बरासुर ने प्रद्युम्न को जन्म के छठे दिन प्रसव कक्ष से यह जानते हुए भी कि वह उसे मार डालेगा, उसका अपहरण कर लिया।
 
Sri Parashara said - O sage! Shambarasur, as fierce as death, abducted Pradyumna from the delivery room on the sixth day of his birth, knowing that he was going to kill him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)