vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री विष्णु पुराण
»
अंश 5: पंचम अंश
»
अध्याय 27: प्रद्युम्न-हरण तथा शम्बर-वध
»
श्लोक 29
श्लोक
5.27.29
विहाराद्युपभोगेषु रूपं मायामयं शुभम्।
दर्शयामास दैत्यस्य तस्येयं मदिरेक्षणा॥ २९॥
अनुवाद
यह मदमस्त स्त्री अपने मनोरंजन आदि भोगों के समय राक्षस को अपना अत्यंत सुंदर मायावी रूप दिखाया करती थी ॥29॥
This intoxicated woman used to show her extremely beautiful illusory form to the demon during her pleasures like recreation etc. ॥29॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×