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श्री विष्णु पुराण
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अंश 5: पंचम अंश
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अध्याय 27: प्रद्युम्न-हरण तथा शम्बर-वध
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श्लोक 26
श्लोक
5.27.26
एष ते तनय: सुभ्रु हत्वा शम्बरमागत:।
हृतो येनाभवद्बालो भवत्यास्सूतिकागृहात्॥ २६॥
अनुवाद
"हे सुभ्रु! यह आपका ही पुत्र है। यह शम्बरासुर का वध करके आ रहा है, जिसने इसे बाल्यकाल में प्रसव-कक्ष से अपहरण कर लिया था।"
"O Subhru! This is your own son. He is coming after killing Shambarasur, who had abducted him from the delivery room in his childhood."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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