श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 27: प्रद्युम्न-हरण तथा शम्बर-वध  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  5.27.25 
श्रीपराशर उवाच
एतस्मिन्नन्तरे प्राप्तस्सह कृष्णेन नारद:।
अन्त:पुरचरां देवीं रुक्मिणीं प्राह हर्षयन्॥ २५॥
 
 
अनुवाद
श्री पराशरजी बोले - इसी समय नारदजी श्रीकृष्णचन्द्र के साथ वहाँ आये और अन्तःपुरवासी देवी रुक्मिणी को प्रसन्न करके बोले - 25॥
 
Shri Parasharji said – At this time Naradji came there with Shri Krishnachandra. He pleased Goddess Rukmini, resident of the inner world, and said - 25॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)