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श्री विष्णु पुराण
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अंश 5: पंचम अंश
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अध्याय 27: प्रद्युम्न-हरण तथा शम्बर-वध
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श्लोक 22
श्लोक
5.27.22
रुक्मिणी साभवत्प्रेम्णा सास्रदृष्टिरनिन्दिता।
धन्याया: खल्वयं पुत्रो वर्तते नवयौवने॥ २२॥
अनुवाद
परन्तु उसके प्रति प्रेम के कारण रुक्मिणी की आंखें भर आईं और वह बोली, "निश्चय ही यह बालक किसी सौभाग्यवती स्त्री का पुत्र है।
But out of love for him, Rukmini's eyes filled with tears and she said, "Surely this young boy is the son of some fortunate woman.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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