श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 27: प्रद्युम्न-हरण तथा शम्बर-वध  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  5.27.2 
यस्तेनापहृत: पूर्वं स कथं विजघान तम्।
एतद्विस्तरत: श्रोतुमिच्छामि सकलं गुरो॥ २॥
 
 
अनुवाद
जिस व्यक्ति का उसने पहले अपहरण किया था, उसी ने बाद में उसे कैसे मार डाला? हे गुरुवर! मैं यह सम्पूर्ण वृत्तांत विस्तारपूर्वक सुनना चाहता हूँ॥ 2॥
 
How did the same person whom he had kidnapped earlier kill him later? O Guru! I wish to hear the entire episode in detail.॥ 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)