श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 27: प्रद्युम्न-हरण तथा शम्बर-वध  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  5.27.14 
मायावती ददौ तस्मै मायास्सर्वा महामुने।
प्रद्युम्नायानुरागान्धा तन्न्यस्तहृदयेक्षणा॥ १४॥
 
 
अनुवाद
हे महर्षि! जिस मायावती ने अपना हृदय और नेत्र प्रद्युम्मन को समर्पित कर दिए थे, वह प्रेम में अंधी हो गई और उसने उसे सब प्रकार की माया सिखा दी॥14॥
 
Oh great sage! Mayavati, who had dedicated her heart and eyes to Pradummun, became blind with love and taught him all types of illusion. 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)