श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 27: प्रद्युम्न-हरण तथा शम्बर-वध  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  5.27.12 
श्रीपराशर उवाच
नारदेनैवमुक्ता सा पालयामास तं शिशुम्।
बाल्यादेवातिरागेण रूपातिशयमोहिता॥ १२॥
 
 
अनुवाद
श्री पराशर बोले - नारद जी की यह बात सुनकर मायावती उस बालक के सौन्दर्य पर मोहित हो गईं और उन्होंने बचपन से ही उसे बड़े लाड़-प्यार से पाला।
 
Sri Parashara said - Upon hearing Narada say this, Mayavathi was fascinated by the child's beauty and she raised him with great affection right from his childhood.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)