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श्री विष्णु पुराण
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अंश 5: पंचम अंश
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अध्याय 23: द्वारका-दुर्गकी रचना, कालयवनका भस्म होना तथा मुचुकुन्दकृत भगवत्स्तुति
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श्लोक 16
श्लोक
5.23.16
बहिरावासिते सैन्ये मथुराया निरायुध:।
निर्जगाम च गोविन्दो ददर्श यवनश्च तम्॥ १६॥
अनुवाद
जब कालयवन की सेना ने मथुरा को घेर लिया तो श्रीकृष्णचन्द्र बिना किसी हथियार के मथुरा से बाहर आ गये। तभी यवनराज कालयवन ने उसे देखा.॥ 16॥
When Kalayavan's army surrounded Mathura, Shri Krishnachandra came out of Mathura without any weapons. Then Yavanaraj Kalayavan saw him.॥ 16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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