श्री पराशर जी बोले - हे ब्राह्मण! एक बार यादवों की एक सभा में महर्षि गार्ग्य के साले ने उन्हें नपुंसक कहा। उस समय सभी यादव हँसने लगे।
Shri Parashar Ji said- O Brahmin! Once in a gathering of Yadavas, Maharishi Gargya's brother-in-law called him impotent. At that time all the Yadavas started laughing.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥