vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री विष्णु पुराण
»
अंश 5: पंचम अंश
»
अध्याय 22: जरासन्धकी पराजय
»
श्लोक 3
श्लोक
5.22.3
उपेत्य मथुरां सोऽथ रुरोध मगधेश्वर:।
अक्षौहिणीभिस्सैन्यस्य त्रयोविंशतिभिर्वृत:॥ ३॥
अनुवाद
मगध का राजा जरासंध तेईस अक्षौहिणी सेना लेकर आया और मथुरा को चारों ओर से घेर लिया।
Jarasandha, the king of Magadh, came with an army of twenty-three Akshauhini and surrounded Mathura from all sides. 3.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×