श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 22: जरासन्धकी पराजय  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  5.22.13 
न तद‍्बलं यादवानां विजितं यदनेकश:।
तत्तु सन्निधिमाहात्म्यं विष्णोरंशस्य चक्रिण:॥ १३॥
 
 
अनुवाद
यादवों की छोटी-सी सेना भी [उनकी अनेक बड़ी सेनाओं द्वारा] पराजित नहीं हुई; यह सब भगवान विष्णु के अंशावतार श्री कृष्णचन्द्र की समीपता का माहात्म्य था ॥13॥
 
Even the small army of the Yadavas was not defeated [by his many large armies]; all this was due to the greatness of the proximity of Shri Krishnachandra, the partial incarnation of Lord Vishnu. ॥ 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)