श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 21: उग्रसेनका राज्याभिषेक तथा भगवान् का विद्याध्ययन  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  5.21.6 
श्रीपराशर उवाच
इत्युक्त्वाथ प्रणम्योभौ यदुवृद्धाननुक्रमात्।
यथावदभिपूज्याथ चक्रतु: पौरमाननम्॥ ६॥
 
 
अनुवाद
श्री पराशरजी बोले - ऐसा कहकर राम और कृष्ण ने अपने माता-पिता को प्रणाम किया और फिर क्रमशः सब वृद्ध पुरुषों और स्त्रियों को नमस्कार किया तथा प्राचीन लोगों का आदर किया॥6॥
 
Shri Parasharji said - Ram and Krishna said this and saluted their parents and then respectively greeted all the old men and women and respected the ancient people. 6॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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