श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 21: उग्रसेनका राज्याभिषेक तथा भगवान् का विद्याध्ययन  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  5.21.4 
गुरुदेवद्विजातीनां मातापित्रोश्च पूजनम्।
कुर्वतां सफल: कालो देहिनां तात जायते॥ ४॥
 
 
अनुवाद
हे प्यारे! गुरु, देवता, ब्राह्मण और माता-पिता की पूजा करने से मनुष्य का जीवन सफल हो जाता है॥4॥
 
O dear! By worshipping the Guru, God, Brahmins and parents, the life of mortals becomes successful. ॥ 4॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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