vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री विष्णु पुराण
»
अंश 5: पंचम अंश
»
अध्याय 21: उग्रसेनका राज्याभिषेक तथा भगवान् का विद्याध्ययन
»
श्लोक 32
श्लोक
5.21.32
मथुरां च पुन: प्राप्तावुग्रसेनेन पालिताम्।
प्रहृष्टपुरुषस्त्रीकामुभौ रामजनार्दनौ॥ ३२॥
अनुवाद
इसके बाद राम और कृष्ण राजा उग्रसेन द्वारा संचालित मथुरापुरी में पहुँचे, जहाँ नर-नारी आनन्दित हो रहे थे॥ 32॥
After this, Rama and Krishna arrived at Mathurapuri, maintained by King Ugrasena, where the men and women were rejoicing [at their arrival].॥ 32॥
इति श्रीविष्णुपुराणे पञ्चमेंऽशे एकविंशोऽध्याय:॥ २१॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×