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श्लोक 5.21.3  |
कुर्वतां याति य: कालो मातापित्रोरपूजनम्।
तत्खण्डमायुषो व्यर्थमसाधूनां हि जायते॥ ३॥ |
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| अनुवाद |
| माता-पिता की सेवा के बिना जो समय बीतता है, वह केवल अधर्मियों के जीवन का व्यर्थ भाग है ॥3॥ |
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| The time which passes without serving parents is a wasted part of the life of only the unrighteous. ॥ 3॥ |
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