श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 21: उग्रसेनका राज्याभिषेक तथा भगवान् का विद्याध्ययन  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  5.21.29 
यस्य नादेन दैत्यानां बलहानिरजायत।
देवानां ववृधे तेजो यात्यधर्मश्च सङ्क्षयम्॥ २९॥
 
 
अनुवाद
जिनके वचन से दैत्यों का बल नष्ट होता है, देवताओं का तेज बढ़ता है और दुष्टों का नाश होता है ॥29॥
 
Whose word destroys the power of demons, increases the glory of gods and destroys evil. ॥ 29॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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