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श्लोक 5.21.28  |
श्रीपराशर उवाच
इत्युक्तोऽन्तर्जलं गत्वा हत्वा पञ्चजनं च तम्।
कृष्णो जग्राह तस्यास्थिप्रभवं शङ्खमुत्तमम्॥ २८॥ |
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| अनुवाद |
| श्री पराशर बोले - समुद्र की यह बात सुनकर कृष्णचन्द्र जल के अन्दर गये और पंचजनको का वध करके उनकी हड्डियों से उत्पन्न शंख ले लिया। |
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| Sri Parashara said - Upon hearing this from the ocean, Krishnachandra went inside the water and killed Panchajanaka and took the conch which had emerged from their bones. |
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