श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 21: उग्रसेनका राज्याभिषेक तथा भगवान् का विद्याध्ययन  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  5.21.27 
दैत्य: पञ्चजनो नाम शङ्खरूपस्स बालकम्।
जग्राह योऽस्ति सलिले ममैवासुरसूदन॥ २७॥
 
 
अनुवाद
हे दैत्य-भक्त! मेरे जल में शंख के रूप में पंचजन नामक दैत्य रहता है, उसी ने उस बालक को पकड़ लिया था।
 
O demon-devotee! A demon named Panchajan lives in the form of a conch in my water; it was he who had captured that boy.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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