vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री विष्णु पुराण
»
अंश 5: पंचम अंश
»
अध्याय 21: उग्रसेनका राज्याभिषेक तथा भगवान् का विद्याध्ययन
»
श्लोक 27
श्लोक
5.21.27
दैत्य: पञ्चजनो नाम शङ्खरूपस्स बालकम्।
जग्राह योऽस्ति सलिले ममैवासुरसूदन॥ २७॥
अनुवाद
हे दैत्य-भक्त! मेरे जल में शंख के रूप में पंचजन नामक दैत्य रहता है, उसी ने उस बालक को पकड़ लिया था।
O demon-devotee! A demon named Panchajan lives in the form of a conch in my water; it was he who had captured that boy.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×