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श्री विष्णु पुराण
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अंश 5: पंचम अंश
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अध्याय 21: उग्रसेनका राज्याभिषेक तथा भगवान् का विद्याध्ययन
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श्लोक 22
श्लोक
5.21.22
सान्दीपनिरसम्भाव्यं तयो: कर्मातिमानुषम्।
विचिन्त्य तौ तदा मेने प्राप्तौ चन्द्रदिवाकरौ॥ २२॥
अनुवाद
जब सांदीपनि ने उसका यह असम्भव और अलौकिक कार्य देखा तो उसे लगा कि मानो सूर्य और चन्द्रमा स्वयं उसके घर आ गए हों ॥22॥
When Sandipani saw this impossible and superhuman act of his, he thought that the Sun and the Moon themselves had come to his house. 22॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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