vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्री विष्णु पुराण
»
अंश 5: पंचम अंश
»
अध्याय 20: कुब्जापर कृपा, धनुर्भंग, कुवलयापीड और चाणूरादि मल्लोंका नाश तथा कंस-वध
»
श्लोक 91
श्लोक
5.20.91
ततो हाहाकृतं सर्वमासीत्तद्रङ्गमण्डलम्।
अवज्ञया हतं दृष्ट्वा कृष्णेन मथुरेश्वरम्॥ ९१॥
अनुवाद
मथुरा के राजा कंस को कृष्ण द्वारा इस प्रकार मारा जाता देख रंगशाला में उपस्थित सभी लोग विलाप करने लगे।
Seeing Mathura's king Kansa being killed in this manner by Krishna, all the people present in the theatre began to waile.
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas