श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 20: कुब्जापर कृपा, धनुर्भंग, कुवलयापीड और चाणूरादि मल्लोंका नाश तथा कंस-वध  »  श्लोक 90
 
 
श्लोक  5.20.90 
कंसे गृहीते कृष्णेन तद‍्भ्राताऽभ्यागतो रुषा।
सुमाली बलभद्रेण लीलयैव निपातित:॥ ९०॥
 
 
अनुवाद
जब कंस को श्रीकृष्ण ने पकड़ लिया, तो उसके भाई सुमाली ने क्रोध में आकर उस पर आक्रमण कर दिया, जिसे बलराम ने खेल-खेल में ही मार डाला।
 
When Kansa was captured by Shri Krishna, his brother Sumali attacked him in anger. Balarama killed him playfully.
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas