श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 20: कुब्जापर कृपा, धनुर्भंग, कुवलयापीड और चाणूरादि मल्लोंका नाश तथा कंस-वध  »  श्लोक 87
 
 
श्लोक  5.20.87 
अशेषजगदाधारगुरुणा पततोपरि।
कृष्णेन त्याजित: प्राणानुग्रसेनात्मजो नृप:॥ ८७॥
 
 
अनुवाद
सम्पूर्ण जगत के आधार भगवान श्रीकृष्ण पर गिरते ही भयंकर सेना से ग्रस्त राजा कंस ने अपने प्राण त्याग दिए ॥87॥
 
The fierce army-ridden king Kansa gave up his life as soon as he fell on Lord Krishna, the support of the entire universe. ॥ 87॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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