vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्री विष्णु पुराण
»
अंश 5: पंचम अंश
»
अध्याय 20: कुब्जापर कृपा, धनुर्भंग, कुवलयापीड और चाणूरादि मल्लोंका नाश तथा कंस-वध
»
श्लोक 82
श्लोक
5.20.82
कंसोऽपि कोपरक्ताक्ष: प्राहोच्चैर्व्यायतान्नरान्।
गोपावेतौ समाजौघान्निष्क्राम्येतां बलादित:॥ ८२॥
अनुवाद
तत्पश्चात् क्रोध से लाल आँखें किए हुए कंस ने वहाँ एकत्रित लोगों से कहा - "अरे! इन ग्वालबालों को बलपूर्वक इस सभा से बाहर निकाल दो।"
Thereafter Kamsa, his eyes turning red with anger, said to the men gathered there - "Hey! Remove these cowherd boys from this gathering by force. 82.
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas