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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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श्री विष्णु पुराण
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अंश 5: पंचम अंश
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अध्याय 20: कुब्जापर कृपा, धनुर्भंग, कुवलयापीड और चाणूरादि मल्लोंका नाश तथा कंस-वध
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श्लोक 69
श्लोक
5.20.69
यावद्यावच्च चाणूरो युयुधे हरिणा सह।
प्राणहानिमवापाग्रॺां तावत्तावल्लवाल्लवम्॥ ६९॥
अनुवाद
जैसे-जैसे चाणूर भगवान् से युद्ध करता गया, वैसे-वैसे उसकी प्राणशक्ति भी क्षीण होती गई ॥69॥
As Chanur continued to fight with the Lord, his life-force gradually diminished to the extreme. ॥ 69॥
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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