श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 20: कुब्जापर कृपा, धनुर्भंग, कुवलयापीड और चाणूरादि मल्लोंका नाश तथा कंस-वध  »  श्लोक 60
 
 
श्लोक  5.20.60 
क्व यौवनोन्मुखीभूतसुकुमारतनुर्हरि:।
क्व वज्रकठिनाभोगशरीरोऽयं महासुर:॥ ६०॥
 
 
अनुवाद
कहाँ तो वह कोमल श्याम शरीरवाला बालक युवावस्था में प्रवेश कर रहा है और कहाँ यह वज्र के समान कठोर शरीरवाला महान् राक्षस !॥60॥
 
Where is the delicate dark-bodied boy entering his youth and where is this great demon with a body as hard as a thunderbolt!'॥ 60॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas