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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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श्री विष्णु पुराण
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अंश 5: पंचम अंश
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अध्याय 20: कुब्जापर कृपा, धनुर्भंग, कुवलयापीड और चाणूरादि मल्लोंका नाश तथा कंस-वध
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श्लोक 60
श्लोक
5.20.60
क्व यौवनोन्मुखीभूतसुकुमारतनुर्हरि:।
क्व वज्रकठिनाभोगशरीरोऽयं महासुर:॥ ६०॥
अनुवाद
कहाँ तो वह कोमल श्याम शरीरवाला बालक युवावस्था में प्रवेश कर रहा है और कहाँ यह वज्र के समान कठोर शरीरवाला महान् राक्षस !॥60॥
Where is the delicate dark-bodied boy entering his youth and where is this great demon with a body as hard as a thunderbolt!'॥ 60॥
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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