vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्री विष्णु पुराण
»
अंश 5: पंचम अंश
»
अध्याय 19: भगवान् का मथुरा-प्रवेश, रजक-वध तथा मालीपर कृपा
»
श्लोक 7
श्लोक
5.19.7
जगदेतन्महाश्चर्यरूपं यस्य महात्मन:।
तेनाश्चर्यपरेणाहं भवता कृष्ण सङ्गत:॥ ७॥
अनुवाद
हे कृष्ण! मैं आपसे मिला हूँ, आप परम आश्चर्य हैं, जो इस अद्भुत जगत के स्वरूप हैं।॥7॥
O Krishna! I have met you, the ultimate wonder, who is the manifestation of this wonderful world. ॥ 7॥
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas