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श्री विष्णु पुराण
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अंश 5: पंचम अंश
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अध्याय 19: भगवान् का मथुरा-प्रवेश, रजक-वध तथा मालीपर कृपा
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श्लोक 27
श्लोक
5.19.27
धर्मे मनश्च ते भद्र सर्वकालं भविष्यति।
युष्मत्सन्ततिजातानां दीर्घमायुर्भविष्यति॥ २७॥
अनुवाद
हे भद्र! तुम्हारा मन सदैव धर्म में लगा रहेगा और तुम्हारे वंश में उत्पन्न लोग दीर्घायु होंगे॥27॥
O Bhadra! Your mind will always remain devoted to religion and those born in your lineage will have a long life. ॥ 27॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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