श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 19: भगवान् का मथुरा-प्रवेश, रजक-वध तथा मालीपर कृपा  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  5.19.25 
बलहानिर्न ते सौम्य धनहानिरथापि वा ।
यावद्दिनानि तावच्च न नशिष्यति सन्तति:॥ २५॥
 
 
अनुवाद
हे सौम्य (दक्षिण)! तुम्हारा बल और धन कभी क्षीण नहीं होगा और जब तक दिन (सूर्य) रहेगा, तब तक तुम्हारी संतान कभी नष्ट नहीं होगी। ॥25॥
 
O Saumya (south) one, your strength and wealth will never diminish and as long as the day (sun) exists, your progeny will never be destroyed. ॥25॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas