तत: प्रहृष्टवदनस्तयो: पुष्पाणि कामत:।
चारूण्येतान्यथैतानि प्रददौ स प्रलोभयन्॥ २२॥
अनुवाद
तत्पश्चात्, ‘देखो, ये बहुत सुन्दर हैं, ये बहुत सुन्दर हैं’ ऐसा कहकर प्रसन्न मुख से उन्हें लुभाते हुए उनकी इच्छानुसार पुष्प दिए॥22॥
Thereafter, enticing them with a cheerful face saying, 'Look, these are very beautiful, these are very beautiful', he gave them flowers as per their wish. ॥22॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥