श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 16: केशि-वध  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  5.16.24 
स्वस्त्यस्तु ते गमिष्यामि कंसयुद्धेऽधुना पुन:।
परश्वोऽहं समेष्यामि त्वया केशिनिषूदन॥ २४॥
 
 
अनुवाद
हे केशिनीषुदन! तुम्हारा कल्याण हो, मैं अब जाता हूँ। परसों जब कंस के साथ तुम्हारा युद्ध होगा, तब मैं फिर आऊँगा।॥24॥
 
O Keshinishudan! May you be blessed, I am leaving now. I will come again the day after tomorrow when your battle with Kansa will take place.॥ 24॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)