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श्री विष्णु पुराण
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अंश 5: पंचम अंश
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अध्याय 16: केशि-वध
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श्लोक 21
श्लोक
5.16.21
कर्माण्यत्रावतारे ते कृतानि मधुसूदन।
यानि तैर्विस्मितं चेतस्तोषमेतेन मे गतम्॥ २१॥
अनुवाद
हे मधुसूदन! आपने इस अवतार में जो कर्म किये हैं, उनसे मेरा मन अत्यंत विस्मित और संतुष्ट हो गया है।॥21॥
O Madhusudan! The deeds that you have done in this incarnation of yours have left my mind extremely amazed and satisfied. ॥21॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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