श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 15: कंसका श्रीकृष्णको बुलानेके लिये अक्रूरको भेजना  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  5.15.24 
तथेत्युक्त्वा च राजानं रथमारुह्य शोभनम्।
निश्चक्राम तत: पुर्या मथुराया मधुप्रिय:॥ २४॥
 
 
अनुवाद
माधवप्रेमी अक्रूरजी राजा कंस से ‘जैसी आपकी इच्छा’ कहकर एक अत्यंत सुंदर रथ पर सवार होकर मथुरापुरी से बाहर आ गए॥ 24॥
 
Madhava-loving Akruraji said ‘as you wish’ to King Kansa, boarded a very beautiful chariot and came out of Mathurapuri.॥ 24॥
 
इति श्रीविष्णुपुराणे पञ्चमेंऽशे पञ्चदशोऽध्याय:॥ १५॥
 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)