श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 15: कंसका श्रीकृष्णको बुलानेके लिये अक्रूरको भेजना  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  5.15.23 
श्रीपराशर उवाच
इत्याज्ञप्तस्तदाक्रूरो महाभागवतो द्विज।
प्रीतिमानभवत्कृष्णं श्वो द्रक्ष्यामीति सत्वर:॥ २३॥
 
 
अनुवाद
श्री पराशर बोले - हे ब्राह्मण! कंस का यह आदेश पाकर महाभक्त अक्रूरजी यह सोचकर अत्यन्त प्रसन्न हुए कि 'कल मैं शीघ्र ही श्रीकृष्ण के दर्शन करूँगा।'
 
Shri Parashara said - Oh Brahmin! On receiving this order from Kansa, the great devotee Akrur became very happy thinking that 'I will soon see Shri Krishna tomorrow.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)