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श्री विष्णु पुराण
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अंश 5: पंचम अंश
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अध्याय 15: कंसका श्रीकृष्णको बुलानेके लिये अक्रूरको भेजना
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श्लोक 22
श्लोक
5.15.22
यथा च माहिषं सर्पिर्दधि चाप्युपहार्य वै।
गोपास्समानयन्त्वाशु तथा वाच्यास्त्वया च ते॥ २२॥
अनुवाद
गोकुल पहुँचकर ग्वालों से इस प्रकार बात करो कि वे भैंस का घी और दही आदि उपहार लेकर शीघ्र ही यहाँ आ जाएँ ॥22॥
On reaching Gokul, speak to the cowherds in such a manner that they come here soon with gifts like buffalo ghee and curd etc. ॥22॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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