श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 15: कंसका श्रीकृष्णको बुलानेके लिये अक्रूरको भेजना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  5.15.16 
चाणूरमुष्टिकौ मल्लौ नियुद्धकुशलौ मम।
ताभ्यां सहानयोर्युद्धं सर्वलोकोऽत्र पश्यतु॥ १६॥
 
 
अनुवाद
चाणूर और मुष्टिक नाम के मेरे पहलवान युगल युद्ध में बहुत कुशल हैं। [धनुर्यज्ञ के दिन] यहाँ सब लोग मेरे इन पहलवानों का उनके साथ द्वन्द्वयुद्ध देखें॥16॥
 
My wrestlers named Chanura and Mushtika are very skilled in pair fighting. [On the day of the Dhanuryagya] let everybody here see the duel of these wrestlers of mine with them.॥ 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)