श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 15: कंसका श्रीकृष्णको बुलानेके लिये अक्रूरको भेजना  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  5.15.11 
गज: कुवलयापीडो मत्सकाशमिहागतौ।
घातयिष्यति वा गोपौ वसुदेवसुतावुभौ॥ ११॥
 
 
अनुवाद
अथवा यदि किसी प्रकार वे दोनों गोप, जो वसुदेव के पुत्र हैं, बचकर मेरे पास आ जाएं, तो मेरा हाथी कुवलयापीड उन्हें मार डालेगा।'
 
Or [if somehow those two Gopas, sons of Vasudeva, escape and come to me, my elephant Kuvalayapeeda will kill them.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)