vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री विष्णु पुराण
»
अंश 5: पंचम अंश
»
अध्याय 15: कंसका श्रीकृष्णको बुलानेके लिये अक्रूरको भेजना
»
श्लोक 11
श्लोक
5.15.11
गज: कुवलयापीडो मत्सकाशमिहागतौ।
घातयिष्यति वा गोपौ वसुदेवसुतावुभौ॥ ११॥
अनुवाद
अथवा यदि किसी प्रकार वे दोनों गोप, जो वसुदेव के पुत्र हैं, बचकर मेरे पास आ जाएं, तो मेरा हाथी कुवलयापीड उन्हें मार डालेगा।'
Or [if somehow those two Gopas, sons of Vasudeva, escape and come to me, my elephant Kuvalayapeeda will kill them.'
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×