श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 15: कंसका श्रीकृष्णको बुलानेके लिये अक्रूरको भेजना  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  5.15.10 
वृन्दावनचरं घोरमादेक्ष्यामि च केशिनम्।
तत्रैवासावतिबलस्तावुभौ घातयिष्यति॥ १०॥
 
 
अनुवाद
मैं वृन्दावन में विचरण करने वाले भयंकर राक्षस केशी को भी आदेश दूँगा कि वह उनका वहीं नाश कर दे॥10॥
 
I will also order Keshi, the fierce demon roaming in Vrindavan, to destroy them there and then. ॥10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)