श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 13: गोपोंद्वारा भगवान् का प्रभाववर्णन तथा भगवान् का गोपियोंके साथ रासक्रीडा करना  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  5.13.29 
धेनुकोऽयं मयाक्षिप्तो विचरन्तु यथेच्छया।
गावो ब्रवीति चैवान्या कृष्णलीलानुसारिणी॥ २९॥
 
 
अनुवाद
कोई अन्य गोपी कृष्ण की लीला का अनुकरण करते हुए कहती, "मैंने धेनुकासुर का वध कर दिया है, अब गायें यहां स्वतन्त्रतापूर्वक घूम सकती हैं।"
 
Some other gopi, imitating the lila of Krishna, would say, "I have killed Dhenukaasur, now the cows can roam freely here."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)