श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 13: गोपोंद्वारा भगवान् का प्रभाववर्णन तथा भगवान् का गोपियोंके साथ रासक्रीडा करना  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  5.13.13 
श्रीपराशर उवाच
इति श्रुत्वा हरेर्वाक्यं बद्धमौनास्ततो वनम्।
ययुर्गोपा महाभाग तस्मिन्प्रणयकोपिनि॥ १३॥
 
 
अनुवाद
श्री पराशर बोले - हे महामुने! श्रीहरि के प्रति प्रेमपूर्वक कहे गए इन वचनों को सुनकर सब ग्वाले चुपचाप वन को चले गए॥13॥
 
Sri Parashara said - Oh great one! After listening to these words spoken with love for Sri Hari, all the cowherds quietly went back to the forest. ॥ 13॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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