श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 11: इन्द्रका कोप और श्रीकृष्णका गोवर्धन-धारण  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  5.11.9 
अन्धकारीकृते लोके वर्षद्भिरनिशं घनै:।
अधश्चोर्ध्वं च तिर्यक् च जगदाप्यमिवाभवत्॥ ९॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार जब बादल दिन-रात बरसते रहे और जगत् अंधकारमय हो गया, तब ऊपर-नीचे और सब ओर से सम्पूर्ण जगत् जल में डूब गया॥9॥
 
In this manner, when the clouds rained day and night and the world became dark, the entire universe, above and below, and from all sides, became submerged in water.॥ 9॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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