श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 11: इन्द्रका कोप और श्रीकृष्णका गोवर्धन-धारण  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  5.11.19 
इत्युक्तास्तेन ते गोपा विविशुर्गोधनैस्सह।
शकटारोपितैर्भाण्डैर्गोप्यश्चासारपीडिता:॥ १९॥
 
 
अनुवाद
श्रीकृष्ण की यह बात सुनकर जल की तेज धाराओं से व्याकुल ग्वाल-बालों ने अपने बर्तन और पात्र गाड़ियों में रख लिए और अपनी गायों सहित पर्वत से नीचे उतर गए।
 
Upon hearing Shri Krishna say this, the cowherds and cowherds, troubled by the torrents of water, put their utensils and vessels in carts and went down the mountain along with their cows.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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