श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 10: शरद‍्वर्णन तथा गोवर्धनकी पूजा  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  5.10.19 
नन्दगोप उवाच
मेघानां पयसां चेशो देवराजश्शतक्रतु:।
तेन सञ्चोदिता मेघा वर्षन्त्यम्बुमयं रसम्॥ १९॥
 
 
अनुवाद
नन्दगोप बोले - मेघ और जल के स्वामी देवराज इन्द्र हैं। उन्हीं की प्रेरणा से मेघ जलरूपी रस की वर्षा करते हैं ॥19॥
 
Nandagop said – The lord of clouds and water is Devraj Indra. It is due to his inspiration that the clouds rain water-like juice. 19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)