श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 1: वसुदेव-देवकीका विवाह, भारपीडिता पृथिवीका देवताओंके सहित क्षीरसमुद्रपर जाना और भगवान् का प्रकट होकर उसे धैर्य बँधाना, कृष्णावतारका उपक्रम  »  श्लोक 86
 
 
श्लोक  5.1.86 
सुरामांसोपहारैश्च भक्ष्यभोज्यैश्च पूजिता।
नृणामशेषकामांस्त्वं प्रसन्ना सम्प्रदास्यसि॥ ८६॥
 
 
अनुवाद
आप मदिरा और मांस के प्रसाद से तथा भोजन और खाद्य पदार्थों से पूजा करके प्रसन्न होकर मनुष्यों की समस्त इच्छाएँ पूरी करेंगे।
 
Pleased by offerings of wine and meat, and by worship with edibles and food items, you will fulfil all the desires of men. 86.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)