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श्री विष्णु पुराण
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अंश 5: पंचम अंश
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अध्याय 1: वसुदेव-देवकीका विवाह, भारपीडिता पृथिवीका देवताओंके सहित क्षीरसमुद्रपर जाना और भगवान् का प्रकट होकर उसे धैर्य बँधाना, कृष्णावतारका उपक्रम
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श्लोक 82
श्लोक
5.1.82
त्वं च शुम्भनिशुम्भादीन्हत्वा दैत्यान्सहस्रश:।
स्थानैरनेकै: पृथिवीमशेषां मण्डयिष्यसि॥ ८२॥
अनुवाद
तुम भी शुम्भ-निशुम्भ आदि हजारों राक्षसों का वध करोगे और अपने अनेक स्थानों से सम्पूर्ण पृथ्वी को सुशोभित करोगे।
You too will kill thousands of demons like Shumbh, Nishumbh etc and adorn the entire earth with your many places. 82.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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