श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 1: वसुदेव-देवकीका विवाह, भारपीडिता पृथिवीका देवताओंके सहित क्षीरसमुद्रपर जाना और भगवान् का प्रकट होकर उसे धैर्य बँधाना, कृष्णावतारका उपक्रम  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  5.1.8 
यामेतां वहसे मूढ सह भर्त्रा रथे स्थिताम्।
अस्यास्तवाष्टमो गर्भ: प्राणानपहरिष्यति॥ ८॥
 
 
अनुवाद
अरे मूर्ख! जिस देवकी को तू अपने पति के साथ रथ में बिठाकर ले जा रहा है, उसका आठवाँ गर्भ तेरे प्राण हर लेगा। ॥8॥
 
"Oh fool! The eighth pregnancy of the Devaki whom you are taking along with her husband in a chariot will take away your life." ॥ 8॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)