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श्री विष्णु पुराण
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अंश 5: पंचम अंश
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अध्याय 1: वसुदेव-देवकीका विवाह, भारपीडिता पृथिवीका देवताओंके सहित क्षीरसमुद्रपर जाना और भगवान् का प्रकट होकर उसे धैर्य बँधाना, कृष्णावतारका उपक्रम
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श्लोक 76
श्लोक
5.1.76
गर्भसङ्कर्षणात्सोऽथ लोके सङ्कर्षणेति वै।
संज्ञामवाप्स्यते वीरश्श्वेताद्रिशिखरोपम:॥ ७६॥
अनुवाद
वह श्वेत शिला शिखर के समान वीर पुरुष के गर्भ में आकृष्ट होने के कारण संसार में 'संकर्षण' नाम से प्रसिद्ध होगा ॥76॥
He will be famous in the world by the name 'Sankarshan' because of being attracted to the womb of a brave man like a white rock peak. 76॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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